हेल्थ, हैप्पीनेस और हार्मनी के लिए योग की शरण में जाना होगा!

बरेली.30 जुलाई 2025. हेल्थ, हैप्पीनेस और हार्मनी यानी स्वाथ्य, खुशी और सद्भाव यह वो चीजें हैं जिनकी जरूरत सभी को है। आधुनिक दौर के भागदौड़ भरे जीवन में हम इन्ही की कमी सबसे ज्यादा महसूस करते हैं, लेकिन योग ऐसा साधन है जिसके जरिए इनको आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में ‘योगा फॉर हेल्थ, हैप्पीनेस एंड हार्मनी’ विषय पर हुई राष्ट्रीय सेमिनार में योग के महत्व और इससे हेल्थ, हैप्पीनेस और हार्मनी पाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई।


विश्वविद्यालय के एप्लाइड फिलॉसफी और योग विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर ए के सिंह की देखरेख में हुई इस सेमिनार में आयुष मंत्रालय, दिल्ली के रिसर्च ऑफिसर डॉ.राम नारायण मिश्र, महर्षि योगपीठ लखनऊ के योग विभाग के अध्यक्ष डॉ.सुनील कुमार श्रीवास, बरेली कॉलेज के दर्शन विभाग के अध्यक्ष प्रो.अवधेश कुमार त्रिपाठी और बरेली वेलनेस सेंटर की योग प्रशिक्षक डॉ.गरिमा सिंह ने हिस्सा लिया।


प्रो.ए के सिंह ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, आत्म अनुशासन की कला है। यह विचारों की शुद्धि और हृदय की शांति का मार्ग है। योग को जीवन की दिनचर्या में स्थापित करना होगा तभी शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सुखी रहा जा सकता है।


आयुष मंत्रालय, दिल्ली के रिसर्च ऑफिसर डॉ.राम नारायण मिश्र ने कहा कि योग जीवन में अनुशासन के लिए है। योग से सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं मानसिक स्वास्थ्य भी सुधरता है। मेडिटेशन या ध्यान जो कि योग का ही एक अंग है उसमें बहुत ही अधिक शक्ति है। मेडिटेशन करने से दिमाग के न्यूरॉन्स को आराम मिलता है, इससे यह तरोताजा हो जाते हैं और इसका प्रभाव मानसिक स्तर पर बहुत अधिक पड़ता है। उन्होंने बताया कि यह बात वैज्ञानिक रूप से भी प्रमाणित है और आधुनिक विज्ञान भी से स्वीकार करता है।


महर्षि योगपीठ लखनऊ के योग विभाग के अध्यक्ष डॉ.सुनील कुमार श्रीवास ने बताया कि शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक उत्थान के लिए स्वस्थ शरीर ही पहली सीढ़ी है क्योंकि एक स्वस्थ शरीर में ही आत्मा सुखी रह सकती है। शरीर ही वह माध्यम है जो आत्मा को अपने लक्ष्य की प्राप्ति कराता है। कहा कि स्वस्थ रहने के लिए योग को अपने जीवन में उतारना होगा। नियमित दिनचर्या अपनानी होगी। उन्होंने बताया कि सुबह उठते ही गुनगुना पानी पीकर ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन और कटि चक्रासन जैसे अभ्यास से पेट अच्छी तरह साफ हो जाता है और सिर्फ इसी से आप अनेक रोगों से बचे रह सकते हैं। इसके बाद योगाभ्यास और ध्यान करेंगे तो मन एकाग्र होगा और शरीर भी स्वस्थ होगा।


बरेली वेलनेस सेंटर की योग प्रशिक्षक डॉ.गरिमा सिंह ने कहा कि सरकार की तरफ से पूरे देश में वेलनेस सेंटर चलाए जा रहे हैं जहां कोई भी फ्री में योग सीख सकता है। उन्होंने कहा कि वेलनेस सेंटर के प्रति लोगों को जागरूक होना चाहिए और सरकार की इस योजना का पूरा लाभ लेना चाहिए।


बरेली कॉलेज के दर्शन विभाग के अध्यक्ष प्रो.अवधेश कुमार त्रिपाठी ने योग के दार्शनिक पक्ष को बताते हुए कहा कि योग ही ऐसी धारा है जो हमारा पूरा परिचय हमें ही प्रदान करती है।


सेमिनार के आखिर में योग विभाग के असिस्टैंट प्रोफेसर डॉ.सेतवान ने सभी अतिथियों के प्रति आभार जताया। आयोजन समिति में डॉ.सेतवान, डॉ.अफसाना, प्रियंका शाक्य, हिमांशु जायसवाल, इंजीनियर आदित्य शामिल रहे। सेमिनार का संचालन प्रगति मिश्रा ने किया।

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