आप ग्रेजुएट हैं और हेल्थ व फिटनेस के क्षेत्र में रुचि रखते हैं, तो योग आपके लिए एक सुनहरा करियर विकल्प हो सकता है। बरेली स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू) द्वारा संचालित पीजी डिप्लोमा इन योग विज्ञान पाठ्यक्रम इस दिशा में आपकी पहली मजबूत सीढ़ी बन सकता है। यह पाठ्यक्रम न केवल योग की बारीकियों को समझने का अवसर देता है, बल्कि एक सफल करियर की नींव रखने में भी सहायक है।
योग अनंत संभावनाओं से भरा क्षेत्र
आज योग केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व भर में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह एक ऐसा उभरता हुआ क्षेत्र है जिसमें अनंत संभावनाएं मौजूद हैं। पीजी डिप्लोमा इन योग विज्ञान जैसे कोर्स करके आप न केवल अपने गांव, शहर या राज्य में, बल्कि विदेशों में भी रोजगार के व्यापक अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
योग विज्ञान में पीजी डिप्लोमा करके इन पदों पर कर सकते हैं कार्य
1-निजी और सरकारी विद्यालयों में योगाचार्य
2-निजी और सरकारी संस्थान में योग इंस्ट्रक्टर
3-वेलनेस कोच, फिटनेस कोच
4-अपना योग सेंटर खोल सकते हैं
5-प्राकृतिक चिकित्सा केंद में योग प्रशिक्षक
प्रेरणास्रोत: ब्रजेश की सफलता की कहानी
एमजेपीआरयू से योग विज्ञान में पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम को पूर्ण कर चुके ब्रजेश इसका जीवंत उदाहरण हैं। उन्होंने न केवल विदेशों में अपनी योग विशेषज्ञता से ख्याति अर्जित की है, बल्कि आर्थिक संपन्नता भी हासिल की है। आज ब्रजेश विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए एक प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
1975 में स्थापित रूहेलखंड विश्वविद्यालय में योग विज्ञान में पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम 1998 से ही चल रहा है। इस पाठ्यक्रम में प्रतिदिन राज योग, हठ योग का ना सिर्फ व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है बल्कि वेद, उपनिषदों और भारतीय योग परंपरा में मौजूद योग दर्शन का परिचय थियरी क्लासेस में भी दिया जाता है।
क्यों करें एमजेपीआरयू से पीजी डिप्लोमा इन योग विज्ञान?
विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त गुणवत्तापूर्ण पाठ्यक्रम
अनुभवी शिक्षक और व्यावहारिक प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था
रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम जो निजी व सरकारी दोनों क्षेत्रों में अवसर देता है
विदेशों में भी कार्य करने की योग्यता और अवसर
स्कॉलरशिप, छात्रावास, पुस्तकालय की सुविधा
इनसेट 1
हरिद्वार-ऋषिकेश के बाद बरेली जोन के आसपास के जिलों में महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ही ऐसा एकमात्र सरकारी विश्वविद्यालय है जो योग विज्ञान में पीजी डिप्लोमा की रेगुलर डिग्री देता है जिसकी मान्यता पूरी दुनिया में है- प्रो. ए के सिंह, विभागाध्यक्ष, अनुप्रयुक्त दर्शन शास्त्र एवं योग विभाग
इनसेट 2-
हम अपने विद्यार्थियों को योगाभ्यास का प्रेक्टिकल प्रशिक्षण तो देते ही हैं, थियरी क्लासेस में उनमें योग दर्शन की गूढ़ दार्शनिक समझ भी विकसित करते हैं- योगाचार्य डॉ.सेतवान, असिस्टेंट प्रोफेसर, योग विभाग
इनसेट 3-
आधुनिक समय में महिलाओं के लिए योग का महत्व और भी अधिक है। हमारे विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक योग हॉल की सुविधा है जहां छात्राएं पूरी गरिमा के साथ योगाभ्यास का प्रशिक्षण लेती हैं-प्रियंका शाक्य, असिस्टेंट प्रोफेसर, योग विभाग

