कानपुर. गणितज्ञ रत्नेश शाक्य को गणित के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए सावित्रीबाई फुले शैक्षिक नवाचार पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कानपुर नगर के पंचशील कुशवाहा संदेश 18वाँ मेधावी एवं प्रतिभा सम्मान–2025 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पुलिस उपमहानिरीक्षक सुभाष चन्द्र शाक्य, पेक्सफेड चेयरमैन इंजीनियर प्रेम सिंह शाक्य तथा लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. भारत सिंह ने संयुक्त रूप से उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
मंच पर एसोसिएट प्रोफेसर/सम्पादक प्रोफेसर सरजू नारायण एवं संचालक अरुण कुशवाहा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा दिनेश सिंह कुशवाहा, तथा उद्घाटन अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुशवाहा ने किया।
कार्यक्रम के दौरान रत्नेश शाक्य को पंचशील कुशवाहा संदेश पत्रिका एवं अंग पट्टिका भी भेंट की गई, जिसमें उनकी दो पृष्ठों की जीवनी प्रकाशित की गई है—जो स्वयं में एक विशिष्ट उपलब्धि है।
नवाचार के लिए मिला सम्मान
रत्नेश शाक्य को यह सम्मान गणित के क्षेत्र में उनके अत्यंत महत्वपूर्ण एवं उपयोगी शोध कार्यों—
विभाज्यता का महासूत्र,
विभाज्यता का तीव्रतम महासूत्र,
दशक नियम,
± संख्या बटे शून्य का मान
जैसे नवाचारों हेतु प्रदान किया गया।
इन शोधों ने गणित सीखने–समझने के आसान, सुलभ और प्रभावी तरीके प्रस्तुत किए हैं, जिन्हें देशभर में सराहा जा रहा है।
अब तक मिले अनेक राष्ट्रीय सम्मान
इसके पूर्व रत्नेश शाक्य को—आदर्श शिक्षा रत्न सम्मान, नवोदय क्रांति नेशनल अवार्ड, राष्ट्र निर्माता पुरस्कार, राष्ट्र धरोहर सम्मान, राष्ट्र गौरव सम्मान, श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार, उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान, प्रोत्साहन सम्मान पत्र, सावित्रीबाई फुले स्मृति चिन्ह तथा अन्य सम्मान दिल्ली, पंजाब, प्रयागराज, प्रतापगढ़, आगरा, मथुरा, गौतमबुद्ध नगर, फिरोजाबाद सहित विभिन्न प्रदेशों में मिल चुके हैं।
SCERT की पुस्तक ‘उद्गम’ में प्रकाशित लेख
हाल ही में शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ की प्रतिष्ठित पुस्तक एवं पोर्टल ‘उद्गम’ में उनका गणितीय लेख प्रकाशित हुआ, जिसका विमोचन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा किया गया।
उनके नवाचार विभिन्न राष्ट्रीय पत्रिकाओं—पांचजन्य, सामान्य ज्ञान दर्पण, प्रतियोगिता दर्पण, धम्म देशना, पंचशील कुशवाहा संदेश—तथा अनेक शैक्षणिक वेबसाइटों—एजुकेशनल मिरर, राष्ट्र की बात, मानव टुडे, टॉक टाइम—पर प्रकाशित होते रहे हैं।
देश की कई शैक्षणिक संस्थाएँ उन्हें गणितीय सूत्रों के प्रदर्शन हेतु विशेष रूप से आमंत्रित करती रही हैं। रत्नेश कुमार के प्रसिद्ध विभाज्यता के महासूत्र के वीडियो उनके यूट्यूब चैनल “रत्नेश के महासूत्र” पर देखे जा सकते हैं।


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